कमलनाथ सरकार में मंत्री बनाने की जिद पर अड़ी दमोह जिले की पथरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामबाई आज विधानसभा के अंदर बंगले के लिए अड़ गईं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति से कहा कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव वाला बंगला ही चाहिए। अध्यक्ष के काफी समझाने के बाद आखिरकार उन्होंने दूसरे बंगले की लिए हामी भर दी। रामबाई भले ही अभी मंत्री बनने की कोई संभावना नहीं हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें मंत्रियों के लिए आरक्षित बंगला आवंटित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश विधानसभा में इस बार बसपा के दो विधायक हैं। उनमें से एक रामबाई है। रामबाई ने सोमवार को कमलनाथ सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि उन्हें मंत्री बनाया जाया कैसे बनना है ये कमलनाथ को तय करना है। उन्होंने ये भी कहा था कि आज नहीं तो कल मंत्री तो उन्हें बनाना ही पड़ेगा। मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले उन्होंने सोमवार को कही बात दोहराई थी।
सोच में पड़ गए अध्यक्ष: बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी देर बाद रामबाई अध्यक्ष एनपी प्रजापति की आसंदी के सामने पहुंच गई और उन्हें नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव जिस बंगले में रह रहे वह बंगला चाहिए। रामबाई ने इस बीच बुंदेली भाषा में भी अध्यक्ष से कुछ कहा। रामबाई की बात सुन अध्यक्ष कुछ सोच में पड़ गए। इस बीच राम बाई ने एक लिस्ट अध्यक्ष की सौंप दी। इस लिस्ट में कुछ बंगलों के नंबर लिखे थे। अध्यक्ष ने गोपाल भार्गव का बंगला देने में असमर्थतता जताई और दूसरा कोई बंगला देने कहा। इस पर रामबाई अध्यक्ष से बहस करने लगी। इसके बाद अध्यक्ष ने उन्हें 74 बंगला स्थित बी-12 बंगला लेने की बात कही। जिसे उन्होंने मान लिया।
आखिर ऐसा क्यों: रामबाई के गोपाल भार्गव वाला बंगला मांगने की पीछे की वजह की सदन में चर्चा होती रही। चर्चा का विषय था कि आखिर रामबाई ने गोपाल वाला बंगला ही क्यों मांगा। इसका निष्कर्ष ये निकला कि गोपाल भार्गव और रामबाई दोनों ही बुंदेलखंड से आते हैं। गोपाल भार्गव को बुंदेलखंड का बड़ा नेता माना जाता है। अब रामबाई भी विधायक बन गई हैं। इसलिए किसी समर्थक के कहने पर उन्होंने सदन में गोपाल भार्गव वाले बंगले की मांग कर डाली।
अगर किसी यात्री को 6774 रुपए की बिड में बिजनेस क्लास की टिकट मिलती है तो यह राशि इकोनॉमी क्लास के लिए बुक कराए गए उसके टिकट के अतिरिक्त होगी
चेक-इन के वक्त टिकट अपग्रेड का स्टेटस पता चलेगा
पैसेंजर पर जाकर ऑनलाइन बिड फाइल कर सकते हैं। एयरपोर्ट पर चेक-इन के वक्त पैसेंजर को यह पता चल पाएगा कि उनका टिकट अपग्रेड हुआ है या नहीं। अपग्रेड नहीं होने पर पैसेंजर को 5 दिन में अतिरिक्त पैसे लौटा दिए जाएंगे।
बिजनेस लाइट नाम से यह स्कीम देश के 6 मेट्रो शहरों की उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के लिए शुरू की गई है। यूएस, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान और हॉन्गकॉन्ग की उड़ानों के लिए बिजनेस लाइट योजना लागू होगी। खाड़ी देशों की उड़ानों के लिए फिलहाल इसे शुरू नहीं किया गया है।
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